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शिशॠके पैदा होने के बाद उससे जà¥à¤¡à¤¼à¥€ हर छोटी-बड़ी बात का खास खà¥à¤¯à¤¾à¤² रखना होता है। इन बातों में सबसे जरूरी है, बेबी सà¥à¤²à¥€à¤ªà¤¿à¤‚ग पोजीशन। जी हां, शिशॠके सोने की सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿ पर धà¥à¤¯à¤¾à¤¨ न दिया जाà¤, तो कई तरह की मà¥à¤¶à¥à¤•िलातों का सामना करना पड़ सकता है। इसी बात को धà¥à¤¯à¤¾à¤¨ में रखते हà¥à¤ मॉमजंकà¥à¤¶à¤¨ बेबी सà¥à¤²à¥€à¤ªà¤¿à¤‚ग पोजीशन के बारे में रिसरà¥à¤š के आधार पर हर तरह की जानकारी आपके लिठलेकर आया है। हम आपको बताà¤à¤‚गे कि बचà¥à¤šà¥‡ को सही तरीके से सà¥à¤²à¤¾à¤¨à¤¾ कà¥à¤¯à¥‹à¤‚ जरूरी है और उसके लिठसोने की कौन-कौन सी अवसà¥à¤¥à¤¾à¤à¤‚ सà¥à¤°à¤•à¥à¤·à¤¿à¤¤ व असà¥à¤°à¤•à¥à¤·à¤¿à¤¤ हैं।
चलिà¤, सबसे पहले जानते हैं कि नवजात के लिठसोने की सही सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿ कितनी जरूरी है।
छोटे बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ को सही पोजीशन में सà¥à¤²à¤¾à¤¨à¤¾ कà¥à¤¯à¥‹à¤‚ जरूरी है?
छोटे बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ को सही पोजीशन में सà¥à¤²à¤¾à¤¨à¥‡ से उनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ अचानक होने वाली मौत के खतरे से बचाया जा सकता है। सही सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿ में न सोने के कारण बचà¥à¤šà¥‡ को सांस लेने में दिकà¥à¤•त व रूकावट हो सकती है (1)। रिसरà¥à¤š कहती हैं कि इस वजह से सडन इंफेंट डेथ सिंडà¥à¤°à¥‹à¤® (SIDS) यानी शिशॠकी अचानक मौत होने का खतरा बढ़ जाता है (2)। शिशॠको सही पोजीशन में सà¥à¤²à¤¾à¤¨à¥‡ से वह सà¥à¤°à¤•à¥à¤·à¤¿à¤¤ à¤à¥€ रहता है और उसकी नींद à¤à¥€ अचà¥à¤›à¥‡ से पूरी होती है।
आगे बचà¥à¤šà¥‡ के सोने की सà¥à¤°à¤•à¥à¤·à¤¿à¤¤ और असà¥à¤°à¤•à¥à¤·à¤¿à¤¤ पोजीशन के बारे में पढ़ते हैं।
शिशॠके सोने की सà¥à¤°à¤•à¥à¤·à¤¿à¤¤ और असà¥à¤°à¤•à¥à¤·à¤¿à¤¤ अवसà¥à¤¥à¤¾à¤à¤‚ | Baby Ko Kis Position Me Sulana Chahiye
1. पेट के बल सोना
बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ को पेट के बल सà¥à¤²à¤¾à¤¨à¥‡ से मना किया जाता है, कà¥à¤¯à¥‹à¤‚कि यह सà¥à¤²à¥€à¤ªà¤¿à¤‚ग पोजीशन बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ के लिठसà¥à¤°à¤•à¥à¤·à¤¿à¤¤ नहीं मानी जाती। दरअसल, पेट के बल सोने से शिशॠको सांस लेने में परेशानी और दम घà¥à¤Ÿà¤¨à¥‡ की समसà¥à¤¯à¤¾ हो सकती है। रिसरà¥à¤š यह à¤à¥€ बताते हैं कि इस सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿ में सोने से à¤à¤¸à¤†à¤ˆà¤¡à¥€ (सडन इंफेंट डेथ) यानी शिशॠकी अचानक मृतà¥à¤¯à¥ होने का जोखिम सात से आठगà¥à¤¨à¤¾ बढ़ सकता है (3)।
हां, अगर बचà¥à¤šà¥‡ को अपर à¤à¤¯à¤°à¤µà¥‡ मालफॉरà¥à¤®à¥‡à¤¶à¤¨ (ऊपरी शà¥à¤µà¤¸à¤¨ तंतà¥à¤° संबंधी समसà¥à¤¯à¤¾) जैसे रोबिन सिंडà¥à¤°à¥‹à¤® है, तो पेट के बल सोने से राहत मिल सकती है। साथ ही गैसà¥à¤Ÿà¥à¤°à¥‹à¤‡à¤¸à¥‹à¤«à¥‡à¤—ल रिफà¥à¤²à¤•à¥à¤¸ (पेट के à¤à¤¸à¤¿à¤¡ का वापस ऊपर आना) की समसà¥à¤¯à¤¾ में डॉकà¥à¤Ÿà¤° बचà¥à¤šà¥‡ को पेट के बल सà¥à¤²à¤¾à¤¨à¥‡ की सलाह दे सकते हैं। इन चिकितà¥à¤¸à¤•िय सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿ में खास निरà¥à¤¦à¥‡à¤¶ à¤à¥€ दिठजाते हैं, इसलिठडॉकà¥à¤Ÿà¤°à¥€ सलाह के बिना शिशॠको पेट के बल न सà¥à¤²à¤¾à¤à¤‚ (3)।
2. पीठके बल सोना
सही समय पर पैदा हà¥à¤ सà¥à¤µà¤¸à¥à¤¥ शिशà¥à¤“ं को उनकी पीठके बल सà¥à¤²à¤¾à¤¯à¤¾ जा सकता है। बताया जाता है कि पीठके बल सोने से सडन इंफेंट डेथ का जोखिम नहीं होता है (4)। इस सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿ में बचà¥à¤šà¥‡ का वायॠमारà¥à¤— खà¥à¤²à¤¾ रहता है, जिसके कारण वो अचà¥à¤›à¥‡ से सांस ले पाते हैं और à¤à¤¸à¤†à¤ˆà¤¡à¥€ का रिसà¥à¤• कम रहता है। यूà¤à¤¸ नेशनल इंसà¥à¤Ÿà¥€à¤Ÿà¥à¤¯à¥‚ट ऑफ चाइलà¥à¤¡ हेलà¥à¤¥ à¤à¤‚ड हà¥à¤¯à¥‚मन डवलपमेंट ने पीठके बल सोने को सबसे बेसà¥à¤Ÿ सà¥à¤²à¤¿à¤ªà¤¿à¤‚ग पोजीशन बताया है (5)।
इसी वजह से शिशॠको थोड़ी देर लेटाना हो या रात को सà¥à¤²à¤¾à¤¨à¤¾ हो, दोनों समय के लिठपीठके बल सोने की सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿ को अचà¥à¤›à¤¾ बताया गया है (5)। à¤à¤¨à¤¸à¥€à¤¬à¥€à¤†à¤ˆ (नेशनल सेंटर फॉर बायोटेकà¥à¤¨à¥‹à¤²à¥‰à¤œà¥€ इंफॉरà¥à¤®à¥‡à¤¶à¤¨) दà¥à¤µà¤¾à¤°à¤¾ पबà¥à¤²à¤¿à¤¶ à¤à¤• रिसरà¥à¤š पेपर के अनà¥à¤¸à¤¾à¤°, पीठके बल सोने से à¤à¤¸à¤†à¤ˆà¤¡à¥€ का जोखिम 40 पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤¶à¤¤ कम होता है। बस लंबे समय तक इस सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿ में सोने से पोजीशनल पà¥à¤²à¥ˆà¤—ियोसेफली यानी सिर का à¤à¤• हिसà¥à¤¸à¤¾ चपटा होने का खतरा हो सकता है (6)।
3. à¤à¤• तरफ मà¥à¤‚ह करके सोना (साइड सà¥à¤²à¥€à¤ªà¤¿à¤‚ग)
साइड सà¥à¤²à¥€à¤ªà¤¿à¤‚ग यानी à¤à¤• तरफ मà¥à¤‚ह करके सोने से à¤à¥€ बचà¥à¤šà¥‡ को à¤à¤¸à¤†à¤ˆà¤¡à¥€à¤à¤¸ (सडन इंफेंट डेथ सिंडà¥à¤°à¥‹à¤®) यानी अचानक मृतà¥à¤¯à¥ का खतरा हो सकता है। दरअसल, साइड सà¥à¤²à¥€à¤ª पोजीशन असà¥à¤¥à¤¿à¤° होती है। शिशॠसोते समय रोल होकर पेट के बल सो जाते हैं। इसी वजह से इसे à¤à¥€ सोने की असà¥à¤°à¤•à¥à¤·à¤¿à¤¤ सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿ कहा जाता है (3)।
अब जानिठकि समय से पहले पैदा होने वाले नवजात को किस सà¥à¤²à¥€à¤ªà¤¿à¤‚ग पोजीशन में सà¥à¤²à¤¾à¤¨à¤¾ चाहिà¤à¥¤
समय से पहले जनà¥à¤®à¥‡ शिशà¥à¤“ं के लिठसोने की सबसे अचà¥à¤›à¥€ सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿ कà¥à¤¯à¤¾ है?
पà¥à¤°à¥€à¤Ÿà¤°à¥à¤® यानी समय से पहले जनà¥à¤®à¥‡ बचà¥à¤šà¥‡ के लिठà¤à¥€ पीठके बल सोना ही अचà¥à¤›à¤¾ होता है (7)। रिसरà¥à¤š पेपर में कहा गया है कि समय से पहले जनà¥à¤®à¥‡ शिशà¥à¤“ं को à¤à¥€ à¤à¤¸à¤†à¤ˆà¤¡à¥€à¤à¤¸ (सडन इंफेंट डेथ सिंडà¥à¤°à¥‹à¤®) का खतरा होता है (8)। शिशà¥à¤“ं की सà¥à¤°à¤•à¥à¤·à¤¾ से संबंधित गाइडलाइन में à¤à¥€ लिखा है कि पà¥à¤°à¥€à¤Ÿà¤°à¥à¤® शिशà¥à¤“ं में अचानक मृतà¥à¤¯à¥ का जोखिम अधिक होता है। इसी वजह से समय से पहले जनà¥à¤®à¥‡ शिशॠको पीठके बल ही सà¥à¤²à¤¾à¤¯à¤¾ जाना चाहिठ(3)।
आगे हम बता रहे हैं कि कौन-कौन सी सà¥à¤²à¥€à¤ªà¤¿à¤‚ग पोजीशन के कारण शिशॠकी अचानक मृतà¥à¤¯à¥ हो सकती है।
सà¥à¤²à¥€à¤ªà¤¿à¤‚ग पà¥à¤°à¥ˆà¤•à¥à¤Ÿà¤¿à¤¸ जो शिशॠमें अचानक मौत का कारण बन सकती है (SUDI)
पेट के बल और à¤à¤• तरफ मà¥à¤‚ह करके सोने से शिशॠमें अचानक मौत का जोखिम बढ़ सकता है। इन सà¥à¤²à¥€à¤ªà¤¿à¤‚ग पोजीशन के अलावा à¤à¥€ कà¥à¤› à¤à¤¸à¥‡ कारण हैं, जिनकी वजह से शिशॠकी अचानक मौत हो सकती है। ये वजह कà¥à¤› इस पà¥à¤°à¤•ार हैं (3)।
शिशॠको मà¥à¤²à¤¾à¤¯à¤® सतह, जैसे कि गदà¥à¤¦à¤¾, सोफा, वाटर बेड, तकिये पर सà¥à¤²à¤¾à¤¨à¤¾ या रखना।
नवजात के सिर या चेहरे को चादर से ढकना, जिससे आकसà¥à¤®à¤¿à¤• घà¥à¤Ÿà¤¨ हो सकती है।
काफी जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ गरà¥à¤®à¥€ होना।
गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ के दौरान या बचà¥à¤šà¥‡ के जनà¥à¤® के बाद उसके आसपास धूमà¥à¤°à¤ªà¤¾à¤¨ करना।
पà¥à¤°à¥‡à¤—नेंसी के समय मादक पदारà¥à¤¥à¥‹à¤‚ जैसे शराब का सेवन करना।
लेख में आगे बढ़ते हà¥à¤ नवजात को सà¥à¤²à¤¾à¤¨à¥‡ के कà¥à¤› सà¥à¤°à¤•à¥à¤·à¤¿à¤¤ टिपà¥à¤¸ पर à¤à¤• नजर डाल लते हैं।
शिशॠको सà¥à¤°à¤•à¥à¤·à¤¿à¤¤ तरीके से सà¥à¤²à¤¾à¤¨à¥‡ के 11 टिपà¥à¤¸
शिशॠको सà¥à¤²à¤¾à¤¤à¥‡ समय कà¥à¤› सावधानियों को बरता जाठऔर कà¥à¤› बातों पर धà¥à¤¯à¤¾à¤¨ दिया जाà¤, तो उसे सà¥à¤°à¤•à¥à¤·à¤¿à¤¤ तरीके से सà¥à¤²à¤¾à¤¯à¤¾ जा सकता है। इसी से संबंधित कà¥à¤› टिपà¥à¤¸ हम लेख में आगे दे रहे हैं (5) (3)।
फरà¥à¤® बेड पर बचà¥à¤šà¥‡ को सà¥à¤²à¤¾à¤à¤‚ – शिशà¥à¤“ं को नरम और मà¥à¤²à¤¾à¤¯à¤® गदà¥à¤¦à¥‡ की जगह ठोस गदà¥à¤¦à¥‡ पर ही सà¥à¤²à¤¾à¤¯à¤¾ जाना चाहिà¤à¥¤ डॉकà¥à¤Ÿà¤° बचà¥à¤šà¥‡ के बेड के आसपास तकिये व अनà¥à¤¯ मà¥à¤²à¤¾à¤¯à¤® चीजें और चादर रखने से मना करते हैं। शिशॠके बेड पर à¤à¤¸à¤¾ कà¥à¤› नहीं होना चाहिà¤, जिससे उसका मà¥à¤‚ह ढक जाà¤à¥¤
ओवरहीटिंग से बचें – शिशà¥à¤“ं को सोते समय हलà¥à¤•े कपड़े पहनाने चाहिà¤à¥¤ जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ गरà¥à¤®à¥€ होने से à¤à¥€ बचà¥à¤šà¥‡ को सोने में समसà¥à¤¯à¤¾ व सांस लेने में दिकà¥à¤•त हो सकती है।
पेसिफायर का उपयोग – अमेरिकन à¤à¤•ेडमी ऑफ पीडियाटà¥à¤°à¤¿à¤•à¥à¤¸ का मानना ​​है कि पैसिफायर सडन इंफेंट डेथ सिंडà¥à¤°à¥‹à¤® को रोक सकता है। हां, अगर बचà¥à¤šà¤¾ सोते समय पेसिफायर को मà¥à¤‚ह में नहीं रखना चाहता और बार-बार मà¥à¤‚ह से गिरा देता है, तो जबरदसà¥à¤¤à¥€ उसके मà¥à¤‚ह पर पेसिफायर न डालें।
शिशॠको अपने बिसà¥à¤¤à¤° पर सà¥à¤²à¤¾à¤¨à¥‡ से बचें – विशेषजà¥à¤ž कहते हैं कि शिशà¥à¤“ं को वयसà¥à¤•ों के बेड पर नहीं सà¥à¤²à¤¾à¤¨à¤¾ चाहिà¤à¥¤ शिशॠको अलग बिसà¥à¤¤à¤° व पालने पर सà¥à¤²à¤¾à¤¨à¤¾ सà¥à¤°à¤•à¥à¤·à¤¿à¤¤ बताया गया है। खासकर की तब अगर कोई धà¥à¤®à¥à¤°à¤ªà¤¾à¤¨ व शराब का सेवन करता हो। इनसे बचà¥à¤šà¥‡ में à¤à¤¸à¤†à¤ˆà¤¡à¥€à¤à¤¸ यानी अचानक मृतà¥à¤¯à¥ का जोखिम बढ़ सकता है।
शिशॠका पालना अपने कमरे में ही रखें – शिशॠको सà¥à¤°à¤•à¥à¤·à¤¿à¤¤ रखने के लिठउसे अपने कमरे में ही सà¥à¤²à¤¾à¤à¤‚। बचà¥à¤šà¤¾ जिस à¤à¥€ पालने या बेड में सो रहा हो, वो माता-पिता के à¤à¤•दम करीब होना चाहिà¤à¥¤ धà¥à¤¯à¤¾à¤¨ दें कि उस कमरे में कोई à¤à¥€ धूमà¥à¤°à¤ªà¤¾à¤¨ न करे।
शिशॠका सिर न ढकें – अगर शिशॠके ऊपर कंबल या चादर रखी है, तो यह सà¥à¤¨à¤¿à¤¶à¥à¤šà¤¿à¤¤ करें कि उससे उसका सिर न ढके। à¤à¤¸à¤¾ होने से बचà¥à¤šà¥‡ का दम घà¥à¤Ÿà¥‡à¤—ा और उसे जान का खतरा हो सकता है। बचà¥à¤šà¥‡ के ऊपर ओढाये गठकपड़े को उसके सीने तक ही रखें।
शिशॠको लपेटना – किसी हलà¥à¤•े सूती व मलमल के कपड़े से बचà¥à¤šà¥‡ को लपेटकर à¤à¥€ सà¥à¤²à¤¾à¤¯à¤¾ जा सकता है। à¤à¤¸à¤¾ करने से बचà¥à¤šà¥‡ के पेट के बल रोल होने का खतरा कम हो सकता है। हम ऊपर बता ही चà¥à¤•े हैं कि जब शिशॠरोल होकर पेट के बल सोने लगता है, तो उसे सांस लेने में परेशानी हो सकती है। बस बचà¥à¤šà¥‡ को कसकर लपेटने से बचें, अनà¥à¤¯à¤¥à¤¾ बचà¥à¤šà¥‡ को परेशानी हो सकती है। संà¤à¤µ हो, तो à¤à¤¸à¤¾ धà¥à¤¯à¤¾à¤¨ से या फिर विशेषजà¥à¤ž की देखरेख में ही करें।
ओढ़ने वाले कपड़े को सही तरीके से रखें – शिशॠको कंबल या जो à¤à¥€ कपड़े ओढ़ा रहे हैं उसे सही तरीके से रखना à¤à¥€ जरूरी है। उस कपड़े व कंबल को शिशॠके सीने तक रखना ही काफी नहीं है, बलà¥à¤•ि आपको इसके ऊपर बचà¥à¤šà¥‡ का हाथ रखना होगा। इससे कंबल के सरक कर बचà¥à¤šà¥‡ के मà¥à¤‚ह तक पहà¥à¤‚चने का खतरा कम हो जाà¤à¤—ा। इसके अलावा, उसके बà¥à¤²à¥ˆà¤‚केट के छोर को गदà¥à¤¦à¥‡ के अंदर टक कर दें यानी डाल दें।
रूम टेमà¥à¤ªà¤°à¥‡à¤šà¤° को नॉरà¥à¤®à¤² ही रखें – बचà¥à¤šà¥‡ को सà¥à¤°à¤•à¥à¤·à¤¿à¤¤ रखने और उसकी अचà¥à¤›à¥€ नींद के लिठयह सलाह दी जाती है कि कमरे का तापमान कम ही रखें। कमरा न ही जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ ठंडा होना चाहिठऔर न ही जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ गरà¥à¤®à¥¤
शिशॠके बेड पर किसी अनà¥à¤¯ को न सà¥à¤²à¤¾à¤à¤‚ – शिशॠको सà¥à¤²à¤¾à¤¤à¥‡ समय उसके बेड या पालने पर किसी दूसरे बचà¥à¤šà¥‡ को न सोने दें। साथ ही किसी पालतू जानवर जैसे बिलà¥à¤²à¥€ और खिलौने को à¤à¥€ उसके बेड पर रखने से बचें।
पà¥à¤°à¥‹à¤¡à¤•à¥à¤Ÿ का इसà¥à¤¤à¥‡à¤®à¤¾à¤² करने से बचें – मारà¥à¤•ेट में कई à¤à¤¸à¥‡ उतà¥à¤ªà¤¾à¤¦ मौजूद हैं, जो शिशॠको à¤à¤¸à¤†à¤ˆà¤¡à¥€à¤à¤¸ यानी अचानक होने वाली मृतà¥à¤¯à¥ के खतरे से बचाने का दंठà¤à¤°à¤¤à¥‡ हैं। आप à¤à¤¸à¥‡ उतà¥à¤ªà¤¾à¤¦à¥‹à¤‚ को खरीदने से बचें। साथ ही शिशॠको सही सà¥à¤²à¥€à¤ªà¤¿à¤‚ग पोजीशन में सà¥à¤²à¤¾à¤¨à¥‡ का दावा करने वाले उतà¥à¤ªà¤¾à¤¦à¥‹à¤‚ से à¤à¥€ बचें।
अकà¥à¤¸à¤° पूछे जाने वाले सवाल
1. यदि बचà¥à¤šà¤¾ सोते समय पेट के बल रोल करता है, तो कà¥à¤¯à¤¾ होगा?
à¤à¤¸à¤¾ होने पर बचà¥à¤šà¥‡ को सांस लेने में दिकà¥à¤•त हो सकती है। साथ ही à¤à¤¸à¤†à¤ˆà¤¡à¥€à¤à¤¸ का जोखिम à¤à¥€ बढ़ सकता है (3)।
2. पीठके बल सोते समय शिशॠफेंसिंग रिफà¥à¤²à¥‡à¤•à¥à¤¸ में कà¥à¤¯à¥‹à¤‚ आ जाता है?
शिशॠका पीठके बल सोते समय फेंसिंग रिफà¥à¤²à¥‡à¤•à¥à¤¸ पोजीशन में आना सामानà¥à¤¯ है। बचà¥à¤šà¥‡ सोते समय à¤à¤¸à¥‡ कई तरह के मूवमेंट करते हैं, जिनमें से à¤à¤• फेंसिंग रिफà¥à¤²à¥‡à¤•à¥à¤¸ à¤à¥€ है। यह बचà¥à¤šà¥‡ के मूवमेंट के हिसाब से होने वाली मांसपेशी की पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤•à¥à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ होती है। फेंसिंग रिफà¥à¤²à¥‡à¤•à¥à¤¸ का मतलब होता है पीठके बल सोते समय बचà¥à¤šà¥‡ का सिर à¤à¤• तरफ होना, उसी तरफ बचà¥à¤šà¥‡ का हाथ à¤à¥à¤•ा होना और à¤à¤• हाथ का विपरित दिशा में मà¥à¤¡à¤¼à¤¨à¤¾à¥¤ इसे टॉनिक नेक रिफà¥à¤²à¥‡à¤•à¥à¤¸ à¤à¥€ कहा जाता है (9)।
3. शिशॠको पेट के बल कब रखा जा सकता है?
दिन में खेलेते समय शिशॠको पेट के बल रखा जा सकता है। इस दौरान माता-पिता या किसी अनà¥à¤¯ सदसà¥à¤¯ को उसकी निगरानी के लिठवहां मौजूद होना जरूरी है। इसके अलावा, कà¥à¤› चिकितà¥à¤¸à¤•ीय सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿ जैसे ऊपरी शà¥à¤µà¤¸à¤¨ संबंधी समसà¥à¤¯à¤¾ और à¤à¤¸à¤¿à¤¡ रिफà¥à¤²à¤•à¥à¤¸ होने पर डॉकà¥à¤Ÿà¤° बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ को कà¥à¤› देर पेट के बल रखने की सलाह दे सकते हैं।
4. कà¥à¤¯à¤¾ मैं अपने बचà¥à¤šà¥‡ के लिठसà¥à¤²à¥€à¤ª पोजीशनरà¥à¤¸ का उपयोग कर सकती हूं?
नहीं, à¤à¤¸à¤¾ करने की डॉकà¥à¤Ÿà¤° बिलà¥à¤•à¥à¤² à¤à¥€ सलाह नहीं देते हैं (10)।
5. अगर मेरे बचà¥à¤šà¥‡ को पीठके बल सोने में दिकà¥à¤•त हो या सोते हà¥à¤ दम घà¥à¤Ÿà¥‡ तो कà¥à¤¯à¤¾ करें?
à¤à¤¸à¥€ सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿ में डॉकà¥à¤Ÿà¤° से संपरà¥à¤• करना सबसे बेहतर विकलà¥à¤ª है। विशेषजà¥à¤ž की सलाह पर बचà¥à¤šà¥‡ के सिर को थोड़ा ऊंचा रख सकते हैं या फिर कमरे में हà¥à¤¯à¥‚मिडिफायर लगाया जा सकता है।
शिशà¥à¤“ं के लिठसही सà¥à¤²à¥€à¤ªà¤¿à¤‚ग पोजीशन कितनी जरूरी है, यह आप समठही गठहोंगे। सोने की सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿ के साथ की गई थोड़ी सी à¤à¥€ लापरवाही के कारण शिशॠके जान पर बन सकती है। इसी वजह से इस पर गौर करना जरूरी है। इतना ही नहीं, दिनà¤à¤° जब बचà¥à¤šà¤¾ खेले या लेटे, तो उसे अपनी निगरानी में ही रखें। à¤à¤¸à¤¾ करने से बचà¥à¤šà¥‡ को सà¥à¤µà¤¾à¤¸à¥à¤¥à¥à¤¯ संबंधी जोखिम और इस दौरान होने वाली दà¥à¤°à¥à¤˜à¤Ÿà¤¨à¤¾à¤“ं से बचाया जा सकता है। सतरà¥à¤• रहें और शिशॠको सà¥à¤°à¤•à¥à¤·à¤¿à¤¤ रखें।
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